सार:
खनन विभाग ने पटना, रोहतास, गया और औरंगाबाद में कम वसूली पर दैनिक निगरानी और सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।
पटना: बिहार में बालू खनन से होने वाली राजस्व वसूली अपेक्षा से कम रहने पर राज्य सरकार ने चार प्रमुख जिलों को मार्च 2026 तक लक्ष्य पूरा करने का निर्देश दिया है। खनन एवं भूविज्ञान निदेशालय की समीक्षा में पाया गया कि पटना, रोहतास, गया और औरंगाबाद निर्धारित लक्ष्य से काफी पीछे चल रहे हैं।
निदेशक स्तर पर हुई बैठक में संबंधित जिलों के खनन अधिकारियों को वसूली तेज करने के लिए दैनिक कार्ययोजना बनाने को कहा गया। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, रोहतास को 426 करोड़ रुपये का लक्ष्य दिया गया था, जिसके मुकाबले दिसंबर 2025 तक लगभग 145 करोड़ रुपये ही प्राप्त हो सके। गया में 279 करोड़ के लक्ष्य के विरुद्ध करीब 188 करोड़ रुपये की वसूली हुई।
इसी तरह पटना में 639 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले लगभग 203 करोड़ रुपये ही जमा हो पाए, जबकि औरंगाबाद में 512 करोड़ रुपये के लक्ष्य के विरुद्ध करीब 176 करोड़ रुपये की प्राप्ति दर्ज की गई। विभागीय अधिकारियों ने माना कि यह कमी राज्य के कुल खनन राजस्व पर असर डाल रही है।
समीक्षा के दौरान संभावित कारणों में अवैध खनन, बालू परिवहन में अनियमितताएं, निविदा प्रक्रिया में देरी तथा निगरानी की कमी को प्रमुख माना गया। अधिकारियों को बालू घाटों की नियमित जांच और ई-चालान व्यवस्था के प्रभावी पालन पर जोर देने को कहा गया है।
खनन निदेशक ने स्पष्ट किया कि अब दैनिक आधार पर प्रगति की समीक्षा की जाएगी। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि मार्च 2026 तक निर्धारित लक्ष्य हासिल नहीं हुआ, तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जा सकती है।
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